छोड़ने से पहले कहते तो आप,
दर्दे दिल एक बार हमे सुनाते तो आप,
ऐसी क्या मजबूरी थी आपकी,
जो हमे जिंदगी के सफर में छोड़ गये आप।
तभी वो हमसे किनारा कर गये। बहुत जहरीली है तेरी ख़ामोशी मैं पी न जाऊँ कहीँ। जब तेरी याद से निकले तभी तो मौसम सुहाना देखे। मेरे ख्याल से तेरा ख्याल ही होगा जो मुझे सताता है।
जरा सा बात करने का तरीका सीख लो तुम भी,
उधर तुम बात करते हो इधर दिल टूट जाता है।
वो रोए तो मगर मुझसे मुँह मोड़कर रोए,
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़कर रोए,
मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकड़े,
मेरे बाद वो उन्हें जोड़-जोड़ कर रोए।
ज़रूरी नहीं जो शायरी करे
उसे कभी-कभी इश्क़ हो,
ज़िन्दगी भी कुछ ज़ख्म
बेमिसाल दिया करती है।
लोग प्यार में बड़ी बड़ी बातें करते है
और फिर एक दिन छोड़ कर चले जाते हैं।
खुद की हालत का मुझे एहसास नहीं होता,
आंखे तब बरसती हैं जब कोई पास नहीं होता,
दिल से चाहने वाले ही दिल तोड़ देते है,
बस इसी बात का तो ऐतबार नहीं होता।
“काश वो मौत होती तो,
एक दिन जरूर मेरी होती
काश कोई हम पर भी इतना प्यार जताती |
पीछे से आकर वो हमारी आँखों को छुपाती,
हम पूछते की कौन हो तुम…?
और वो हँसकर खुदको हमारी जान बताती.
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।
मेरे ख्यालो में सिर्फ तुम हो तुम्हे कैसे भुला दूँ,
इस दिल की धड़कन हो सिर्फ तुम,
तुम्हे कैसे निकाल दूँ।
जाने लागे जब वो छोड़ के दामन मेरा,
टूटे हुए दिल ने एक हिमाक़त कर दी,
सोचा था कि छुपा लेंगे ग़म अपना,
मगर कमबख्त आँखों ने बगावत कर दी।
ज़ख्म लगा के मेरे दिल पे बड़ी सादगी के साथ,
टूटे हुए मेरे दिल का क्या पूछते हो?
ठुकरा दिया जो तुमने मोहब्बत को इस तरह,
पलट-पलट के प्यार से क्या देखते हो?
कैसे भुला दू उसको
मौत इंसानों को आती है
यादों को नहीं
जिसके दिल पर भी क्या खूब गूजरी होगी,
जिसने इस दर्द का नाम मुहब्बत रखा होगा,
तकदीर... बता तू ने मुझको,
किस मोड़ पर लाके छोड़ दिया,
एक मोड़ तलक तो साथ दिया,
एक मोड़ पर ला के छोड़ दिया,
खुद प्यार किया खुद ठुकराया,
फिर प्यार भरा दिल तोड़ दिया,
उस मोड़ तलक तो साथ दिया,
इस मोड़ पर ला के छोड़ दिया।
“टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता
इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता
ऐ बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता
की टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता.”
मिटा दो नाम तक मेरा किताब-ए-ज़िन्दगी से तुम,
मगर पल-पल रुलाएगी… सताएगी कमी मेरी।
दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी।
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी।
सच कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
और शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
हम कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते है,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है।
जब लिख ही दिया है तूने मेरा नाम रेत पर,
मिटने का फिर मेरे तू तमाशा भी देख ले।
ज़ख्म लगा के मेरे दिल पे बड़ी सादगी के साथ,
टूटे हुए मेरे दिल का क्या पूछते हो?
ठुकरा दिया जो तुमने मोहब्बत को इस तरह,
पलट-पलट के प्यार से क्या देखते हो?
इतने बुरे तो नहीं थे, जितने इलज़ाम लगाए लोगो ने,
कुछ किस्मत ख़राब थी, कुछ आग लगाई लोगो ने।
चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं,
हम उसकी याद में परेशां बहुत हैं,
वह हर बार दिल तोड़ता है ये कह कर कि,
मेरी उम्मीदों की दुनिया में अभी मुकाम बहुत हैं।
“समझने वाला कोई नहीं,
समझाने वाले लाखों में।
दिल से साथ कोई नहीं,
लालच है सबकी आंखों में।”
कितना अजीब अपनी ज़िंदगी का सफर निकला.
सारे जहाँ का दर्द अपना मुक़द्दर निकला
जिसके नाम अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा कर दिया
अफसोस वही हमारी चाहत से बेखबर निकला !!
होले होले कोई याद आया करता है,
कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है,
उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,
जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है।
सच कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
और शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
हम कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते है,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है।
याद तो तुम्हे आएगी मेरी….
जब तुम वही सब, किसी और के साथदोहराओगे…
नशा मोहब्बत का हो या शराब का,
होश दोनों में खो जाता है, फर्क सिर्फ
इतना है शराब सुला देती है और मोहबत
रुला देती है.
अगर सुकून से जीना है तो अकेले जीना सीख
लो लोग तसल्ली देते हैं साथ नहीं.”
कितना अजीब अपनी ज़िंदगी का सफर निकला.
सारे जहाँ का दर्द अपना मुक़द्दर निकला
जिसके नाम अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा कर दिया
अफसोस वही हमारी चाहत से बेखबर निकला !!
उस वेबफा को अपना समझा,
जिसे हमने इतना प्यार किया,
उसने किया हमसे सिर्फ धोखा,
हमने फिर भी एतवार किया।
कूदना पड़ा हमें समंदर में,
हम अपनी ही नाव में बोझ बन चुके थे
मोहब्बत बहुत की हमने तुम से,
लेकिन तुमने धोखे के सिवा कुछ ना दिया,
हमेशा मुझको पराया ही समझा तुमने,मेरी
खुद की ज़िन्दगी से मुझको तनहा कर दिया.
“खामोशियां बेवजह नहीं होती कुछ दर्द इंसान
की आवाज छीन लेते है.”
दिल मे आरज़ू के दिये जलते रहेगे।
आँखों से मोती निकलते रहेगे।
तुम शमा बन कर दिल में रोशनी करो।
हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे।
वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही,
मोहब्बत में प्रेमी कभी झुकता नही,
किसी की खुशियों के खातिर चुप है,
पर तू ये न समझना की मुझे दुःखता नही।
चुप रह कर भी कह दिया,
सब कुछ ये मेरा सलीका था,
और तुम सुनकर भी समझ,
नही पाए ये उनका प्यार था।
पता नहीं मेरी किस्मत किसने लिखी है!
हर चीज अधूरी छोड़ रखी है…
मुझे रुला कर सोना तो तेरी आदत बन गयी है
जिस दिन मेरी आँख न खुली बेशक तुझे नींद
से नफरत हो जाएगी।
वो गैर हो चुके है इस बात की ज़माने को खबर है
पर हम तो सिर्फ उनके ही है, इस बात से वो आज
भी बेखबर है.”
खाली शीशे भी निशान रखते हैं,
टूटे हुए दिल भी अरमान रखते हैं,
जो ख़ामोशी से गुज़र जाये,
वह दरिया भी दिल में तूफ़ान रखते हैं।
कोई इल्ज़ाम रह गया है तो वो भी दे दो,
पहले भी बुरे थे हम अब थोड़े और सही।
हर पल साथ देने का वादा करते हैं तुझसे,
क्यों अपनापन इतना ज्यादा है तुझसे,
कभी ये मत सोचना भूल जायेंगे तुझे हम,
हर पल साथ निभाने का वादा है तुझसे।
तुम हमे क्यों इतना दर्द देते हो,
जब जी में आये तब रुला देते हो,
लफ़्ज़ों में तीखा पन और नजरो में बेरुखी,
ये कैसा इश्क है जो तुम हमसे करते हो।
जल्द महसूस होगा तुम्हे,
कि मेरा होना क्या था
और मेरा ना होना क्या है।
पता है मेरी क़िस्मत कैसी है,अगर में थोड़ा सा भी
हंस लू तो बदले में उस से भी ज़्यादा रोना पड़ता है।
“इस कदर दूर हुए है वो हमसे प्यार तो छोड़
अब नफरत भी नहीं करते।”
मुझे इन पत्थरों से खौफ न होता,
अगर शीशे का मेरा घर न होता,
यकीनन मैं भी खेलता इश्क़ की बाज़ी,
अगर दिल टूटने का डर न होता।
तेरा यूँ मेरे सपनो में आना ये तेरा कसूर था,
और तुझ से दिल लगाना ये मेरा कसूर था,
कोई आया था पल दो पल को जिंदगी में,
और सर अपना समझ लेना वो मेरा कसूर था।
दो पल को ही सही पर मेरी तन्हाइयो में खो जाओ,
मैं तेरा और तुम मेरी दो पल के लिए हो जाओ।
मैंने अपने ही दिल का ,
बहुत दिल दुखाया है।
वो तो अपने दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाईयों से आँखें चुराते रहे,
और हमें बेवफ़ा का नाम मिला,क्योंकि
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे.
“बात तुम्हरी आती दिल भारी हो जाता है, मानो
जाते जाते तुम एक भोझ दिल पर दाल गए।”
एक तुम मिल जाते बस इतना काफ़ी था,
सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
कितना दर्द है इस दिल में लेकिन हमे एहसास नही है,
कोई था बहुत खास पर वो पास नही है,
हमे उनके इश्क ने बर्बाद कर दिया,
और वो कहते है की ये कोई प्यार नही है।
तेरे लिए लड़ लिए सबसे,
लेकिन हम हार गये अपने नसीब से।
किसी के तुम हो किसी का खुदा है दुनियामें, मेरे नसीब में तुम भी नहीं खुदा भी नहीं
वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,
उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,
कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी।
तुमने दिल तोड़ा हमने माफ़ किया, हमने दिल तोड़ा तुमने रिश्ता ही तोड़ लिया।”
जरा सा बात करने का तरीका सीख लो तुम भी,
उधर तुम बात करते हो इधर दिल टूट जाता है।
ये तेरी चाहत मुझे किस मोड़ पर ले आई,
इस दिल में गम है,और दुनिया में रुसबाई,
अब तो कटता है हर पल सदियों के बराबर,
अब तो लगता है के मार ही डालेगी तेरी ये जुदाई।
आधी उम्र हम मोहब्बत से दूर भागे
आधी उम्र मोहब्बत हमसे
हिसाब बराबर…
ज़रूरी नहीं कुछ गलत करने से ही
दुःख मिले, हद से ज़्यादा अच्छे होने
की भी कीमत चुकानी पड़ती है।
“कभी तुम्हारी जान थे हम, आज तुम्हारे
लिए अनजान है हम।”
“हाथ छोड़ कर साथ छोड़ दिया पल
भर में ही दिल तोड़ दिय।”
दिल जो टूटा तो कई हाथ दुआ को उठे,
ऐसे माहौल में अब किसको पराया समझें।
जरूरी नही जीने के लिए सहारा हो,
जरूरी नही जिसे हम अपना माने वो हमारा हो,
कई कस्तियां बीच भबर में डूब जाया करती हैं,
जरूरी नही हर कस्ती को किनारा हो।
कोई मरतो नही जाता इश्क-ए-जुदाई में,
लेकिन जी भी तो नही पाता है जिंदगी की तन्हाई में।
कोई और गुनाह करवा दे मुझ से मेरे खुदा,
मोहब्बत करना अब मेरे बस की बातनहीं!!
अब तुम्हारी याद भी ज़रा काम आती है
कुछ आदतें वक़्त के साथ सुधर जाती है।
“वो कहते थे नहीं रह पायेंगे हम तुम्हारे सिवा साथ किसी और के और उनके झूठ को भी हम सच समझ बैठ।”
बिछड़ के तुझसे न देखा गया किसी का मिलन,
उड़ा दिए हैं परिंदे भी हमने शजर पे बैठे हुए।
प्यार हर किसी को जीना सिखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सिखा देता है,
प्यार नही किया तो करके देखो,
ये हर दर्द सहना सिखा देता है।
यादों में तेरी आहे भरता है कोई,
हर साँस के साथ तुझे याद करता है कोई,
मरना तो सभी को है वो एक हकीकत है,
लेकिन तेरी यादों में हर दिन मरता है कोई।
जरा सा बात करने का तरीका सीख लोतुम भी,
उधर तुम बात करते हो इधर दिल टूटजाता है!!
कभी जो कहते थे तुम्हे कभी ना रोने देंगे,
आंसू भरी आंख लेकर तुझे कभी सोने देंगे,
आखिर वहीं हमारी आंख का आंसू बन गए,
जो कहते थे तुमको कभी खोने ना देंगे.
लफ्ज़ बचे नहीं थे कुछ कहने को, बिन कहे
तुम समझ ना सके।”
दिल तोड़ कर हमारा तुमको राहत भी न मिलेगी,
हमारे जैसी तुमको कहीं चाहत भी न मिलेगी,
यूँ इतनी बेरुखी न दिखलाइये हमें,
हम अगर रूठे तो हमारी आहट भी न मिलेगी।
आज तेरी याद को सीने से लगा कर हम रोये,
हम तुझे तन्हाई में पास बुलाकर रोये,
पाना तो बहुत चाहा था हर बार तुझे,
पर हर बार तुझे न पाकर हम रोये।
हम खुश हैं कम से कम कोई हमारी बात तो करता है,
वो बुरा कहता है तो क्या, कम से कम कोई याद तो करता है।
गुनाह किये होते, तो मांफ भी हो जातेसाहिब,
ख़ता तो मुझसे ये हुई, कि उनसे इश्क़ होगया!!
रोने की सज़ा न रुलाने की सज़ा है
ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है
हँसते हैं तो आँखों से निकल आते हैं आँसू
ये उस शख्स से दिल लगाने की सज़ा है.
वफ़ा की हमने और तुमने जफा की,
तुम अच्छे हम बुरे कुदरत खुदा की।
वो नही आती पर अपनी निशानी भेज देती है,
ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है,
उसकी यादों के पल कितने भी मीठे हैं,
मगर कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है।
हम तो आपसे पलके बिछा कर प्यार करते हैं,
ये वो गुनहा है जो हम बार बार करते हैं,
दिल में ख्वाइशों के कई चिराग जलाकर,
हम सुबहो शाम तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं।
जाने लागे जब वो छोड़ के दामन मेरा,
टूटे हुए दिल ने एक हिमाक़त कर दी,
सोचा था कि छुपा लेंगे ग़म अपना,
मगर कमबख्त आँखों ने बगावत कर दी।
अब कहना ही छोड़ दिया मेने की तुम मुझसे बात करो
जब मेरे रोने से तुमको फर्क नहीं पड़ता तो मेरे होने या
न होने से क्या फर्क पड़ेगा।
इन आँखों में कभी हमारे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुड़ कर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद यही गम रहेगा,
के काश वो हमारी जिंदगी में आये न होते।
जब कोई आपसे मजबूरी में जुदा होता है,
जरूरी नही वो इंसान वेबफा होता है,
जब कोई देता आपको जुदाई के आँसू,
तन्हाइयों में वो आपसे ज्यादा रोता है।
जब लिख ही दिया है तूने मेरा नाम रेत पर,
मिटने का फिर मेरे तू तमाशा भी देख ले।
वो नही आती पर अपनी निशानी भेज देती है,
ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है,
उसकी यादों के पल कितने भी मीठे हैं,
मगर कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है।
काश उससे चाहने का अरमान ना होता,
मैं होश में रहते हुए अनजान न होता,
ना प्यार होता किसी पत्थर दिल से हमको,
या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना पत्थर !
इस इश्क की किताब से,
बस दो ही सबक याद हुए,
कुछ तुम जैसे आबाद हुए,
कुछ हम जैसे बर्बाद हुए।
अगर कोई खता हो गई हो तो सजा बता दो,
क्यों है इतना दर्द बस इसकी वजह बता दो,
भले ही देर हो गई हो तुम्हे याद करने में,
लेकिन तुम्हे भूल जायेंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।
अब कहाँ जरुरत है हाथों में पत्थर उठानेकी ,
तोड़ने वाले तो दिल जुबां से ही तोड़ दियाकरते है।
बहुत कुछ है कहने को पर न जाने क्यों
अब कुछ न कहु वही बेहतर लगता है।
दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ तो हुई,
लेकिन तमाम उम्र का आराम हो गया।
जब कोई आपसे मजबूरी में जुदा होता है,
जरूरी नही वो इंसान वेबफा होता है,
जब कोई देता आपको जुदाई के आँसू,
तन्हाइयों में वो आपसे ज्यादा रोता है।
क्यों अनजाने में हम अपना दिल गवां बैठे,
क्यों प्यार में हम धोखा खा बैठे,
उनसे हम अब क्या शिकवा करे क्योंकि गलती हमारी ही थी,
क्यों हम बेदिल इंसान से दिल लगा बैठे।
मंज़िलों के ग़म में रोने से मंज़िलें नहीं मिलती
हौंसले भी टूट जाते हैं अक्सर उदास रहने से.
कुछ मोहब्बत का नशा था पहले हमको,
दिल जो टूटा तो नशे से मोहब्बत हो गई।
मुझे दिल से यूँ पुकारा न करो,
यूँ आँखों से हमे इशारा न करो,
दूर हूँ तुझसे मजबूरी है मेरी,
यूँ तन्हाइयों में मुझे तड़पाया न करो।
यादों में तेरी आहे भरता है कोई,
हर साँस के साथ तुझे याद करता है कोई,
मरना तो सभी को है वो एक हकीकत है,
लेकिन तेरी यादों में हर दिन मरता है कोई।
आज तेरी याद को सीने से लगा कर हम रोये,
हम तुझे तन्हाई में पास बुलाकर रोये,
पाना तो बहुत चाहा था हर बार तुझे,
पर हर बार तुझे न पाकर हम रोये।
दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते,
गम के आँसू न बहाते तो और क्या करते,
उसने माँगी थी हमसे रौशनी की दुआ,
हम अपना घर न जलाते तो और क्या करते।
वो शख्स फिर से मुझे तोड़ गया आज,
जिसे कभी हम पूरी दुनिया कहा करते थे।
हर घड़ी इस जिंदगी को आज़माया है हमने,
इस जिंदगी में सिर्फ गम पाया है हमने,
जिस ने हमारी कभी कदर ही न जानी,
उस वेबफा को इस दिल में बसाया है हमने।
इन आँखों में कभी हमारे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुड़ कर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद यही गम रहेगा,
के काश वो हमारी जिंदगी में आये न होते।
दर्द कितना है बता नहीं सकते,
ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते,
आँखों से समझ सको तो समझ लो,
आँसू गिरे हैं कितने गिना नहीं सकते.
अंदर कोई झाँके तो टुकड़ों में मिलूंगा,
ये हँसता हुआ चेहरा तो दिखाने के लिए है।
तुम हमे क्यों इतना दर्द देते हो,
जब जी में आये तब रुला देते हो,
लफ़्ज़ों में तीखा पन और नजरो में बेरुखी,
ये कैसा इश्क है जो तुम हमसे करते हो।
💔किसी को तो किसी के प्यार ने मारा
किसी को तो किसी के ऐतवार ने मारा
बच निकले थे हम इन सबसे मगर
हमे तो किसी के इंतजार ने मारा 💔
दर्द जितना है मेरी निगाहों में
पाओगे ना उतना किसी की राहों में
बितानी चाहते थे ज़िंदगी जिसकी बाहों में
मौत भी ना मिल पाई उनकी पनाहो में....!!!
कभी अधूरा सा कुछ कहूँ तो
तुम पूरा समझ जाना
हम तो उलझे हैं तुझमें तू हममें
न कहीं उलझ जाना
एक साँस भी पुरी नहीं होती
तेरे ख्यालों के बिना,.!
तुमने ये कैसे सोचा कि
हम जिदंगी गुजार देगे तेरे बिना...!!
आज कोई कस्मे खाते, आज कोई वादे करता,
एक तुझसे मिलने को, सौ लाख बहाने करता.
टूटा हुआ है दिल मेरा
जोड़ने की हिमाकत ना करना
खुद को जोड़ लूंगा मैं ये समझाकर
ऐ दिल दुबारा किसी से मोहब्बत ना करना
मौत की हिम्मत कहां थी मुझसे टकराने की
कमबख्त ने मोहब्बत को मेरी सुपारी दे डाली!!
ज़िद मत किया करो
मेरी दास्तान सुनने की यारो
मै हँस कर कहूँगा तो भी तुम रोने लगोगे
गुजरे है आशिकी में हम
कुछ ऐसे मुकाम से,
के नफरत सी हो गयी है
अब प्यार के नाम से।
💔हमे नजर अंदाज करने का शुक्रिया
हमे यूहीं बर्बाद करने का शुक्रिया
अब तो तुम खुश हो ना गैरों के साथ
हमे बेवजा तन्हा करार छोड़ जाने का शुक्रिया 💔
बहुत मशरूफ हो शायद, जो हम को भूल बैठे हो,
न ये पूछा कहाँ पे हो, न यह जाना कि कैसे हो।
वो एक हसीन घड़ी थी जो तुझमे
घुल के निखर गये, न जाने किसकी
नज़र लगी कि हम ऐसे बिखरे की मर गये !
भर जायेंगे जख्म भी तू
जमाने से जिक्र ना करना
ठीक हूं मैं तू मेरे दर्द
की फिक्र ना करना
सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमें और हममें,
सारी महफिल भुल गये बस वह याद रहा।।
उस शक़्स को अलविदा कहना
कितना मुश्किल है,
जिस ने हमें बहुत सारी
यादें दी हो
दिल आने की बात है यारों
अपने बस की बात कहाँ
प्यार अगर हो पत्थर से फिर
हीरे की औकात कहाँ
💔था यहीं एक शक्स कोई
दूर निकल गया वो शक्स कोई
ढूंढ कर लाओ कोई उसे
मेरा चैन ले गया शक्स कोई 💔
मालूम हो खुदा उसकी दुआ है
तो ऐ लम्हा यूं ही ठहर जाए.
बस यूं ही देखता रहूं भंवरे की तरह
दिन तो गुजर ही गया
ऐ रात यूं ही गूजर जाए
इश्क़ कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई, बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है!
मालूम हो खुदा उसकी दुआ है
तो ऐ लम्हा यूं ही ठहर जाए.
बस यूं ही देखता रहूं भंवरे की तरह
दिन तो गुजर ही गया
ऐ रात यूं ही गूजर जाए
एक साँस भी पुरी नहीं होती
तेरे ख्यालों के बिना,.!
तुमने ये कैसे सोचा कि
हम जिदंगी गुजार देगे तेरे बिना...!!
उस टूटे दिल की खबर कहा थी उन्हें,
जब इंतज़ार ही उन्हें मेरे जाने का था !
भर जायेंगे जख्म भी तू
जमाने से जिक्र ना करना
ठीक हूं मैं तू मेरे दर्द
की फिक्र ना करना
कही तो होगी वो ज़िन्दगी,
जहां तुम मेरे साथ हो।
💔कभी कितना हस्ते थे हम दोस्तों
आज तो ये आलम है
कि लोग हमारे हालातों पर
हंसने लगे हैं 💔
दिल मे आरज़ू के दिये जलते रहेगे।
आँखों से मोती निकलते रहेगे।
तुम शमा बन कर दिल में रोशनी करो।
हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे।
बिखरा वजूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ,
कितने हसीन तोहफे दे जाती है ये मोहब्बत।
दिल तोड़ कर हमारा तुमको राहत भी न मिलेगी,
हमारे जैसी तुमको कहीं चाहत भी न मिलेगी,
यूँ इतनी बेरुखी न दिखलाइये हमें,
हम अगर रूठे तो हमारी आहट भी न मिलेगी।
एक साँस भी पुरी नहीं होती
तेरे ख्यालों के बिना,.!
तुमने ये कैसे सोचा कि
हम जिदंगी गुजार देगे तेरे बिना...!!
💔ना कोई समझता है
और ना कोई समझाता है
सबको बस
दूसरों का मज़ाक उड़ाना आता है 💔
जब कोई दिल तोड़ कर चला जाता है
तब दरिया का पानी आँखों मे उतर जाता है,
कोई बना लेता है रेत पर आशियाना,
कोई लहरों में बिखर जाता हैं।
मेरे दिल में उन्होंने घर बना लिया,
अब कैसे कहूँ किराये का मकान ले लो !
ज़िन्दगी से क्यों रूठ गए हो तुम,
इतने मायूस क्यों हो गए हो तुम,
ज़रूर तुम्हारा भी किसी ने दिल तोड़ा है,
जो इतने ग़म-गीन हो गए हो तुम
ज़रा-सा बात करने का
तरीका सीख लो तुम भी,
उधर तुम बात करते हो
दिल टूट जाता है।
काश इक दिन ऐसा भी आये हम तेरी बाहों में समा जाएँ,
सिर्फ हम हो और तुम हो और वक्त ही ठहर जाए।
आज फिर गुमनाम चेहरों में तू नज़र आया है, आज “फिर” तेरी यादों ने मुझे रुलाया है,
तेरी मोहब्बत ने मुझे चकना चूर किया है,
क्यों आज फिर तूने वेबफा का इल्ज़ाम लगाया है।
💔तुम हर बार खता करते रहे
हम तुम्हें हर बार माफ करते रहे
तुम जितने भी करीब आते रहे मेरे
हम उतना ही अपने वजूद को खुद से दूर करते रहे 💔
दर्द जितना है मेरी निगाहों में
पाओगे ना उतना किसी की राहों में
बितानी चाहते थे ज़िंदगी जिसकी बाहों में
मौत भी ना मिल पाई उनकी पनाहो में....!!!
💔कुछ ऐसा हो जाए
कुछ वैसा हो जाए
हम उनके हो जाएं
और वो हमारा हो जाए 💔
मुझसे वास्ता नही रखना तो
फिर मुझपे नजर क्यूं रखता है?
मैं किस हाल में जिंदा हूँ
तू मेरी खबर क्यूं रखता है?
खाली शीशे भी निशान रखते हैं,
टूटे हुए दिल भी अरमान रखते हैं,
जो ख़ामोशी से गुज़र जाये,
वह दरिया भी दिल में तूफ़ान रखते हैं।
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।
हकीकत जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले,
ये सोच लेना भुलाने से पहले,
बहुत रोई हैं आँखें मुस्कुराने से पहले.
ऐ काश कहीं कुदरत का ये निजाम हुआ करे,
तुझे देखने के अलावा न मुझे कोई काम हुआ करे।
मुझसे वास्ता नही रखना तो
फिर मुझपे नजर क्यूं रखता है?
मैं किस हाल में जिंदा हूँ
तू मेरी खबर क्यूं रखता है?
ये कैसी जुदाई है कि जिसने हमें शायर बना दिया ये कैसा गम है जिसने हमें बेबस बना दिया सोचा नहीं था जुदा हो जाओगे हमसे कभी करते भी क्या जब आपने ही गैर बना
💔मुझे चैन से मरने भी नहीं देती
मुझसे चाहती क्या है
रोज बोलता हूँ मत आया कर खबावों में
आखिर बात मानने में हर्ज क्या है 💔
तोड़ा कुछ इस अदा से ताल्लुक उसने ग़ालिब,
के सारी उम्र अपना क़सूर ढूँढ़ते रह गए।
💔चलो मिलकर एक खता कर ली जाए
उनसे मोहब्बत कर ली जाए
दिन रात सोते बहुत है आजकल
ये मोहब्बत करके नींदों को हराम कर लिया जाए 💔
एक ग़ज़ल तेरे लिए ज़रूर लिखूंगा, बे-हिसाब उस में तेरा कसूर लिखूंगा, टूट गए बचपन के तेरे सारे खिलौने, अब दिलों से खेलना तेरा दस्तूर लिखूंगा
होती नहीं है मोहब्बत सूरत से,
मोहब्बत तो दिल से होती है,
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी,
कदर जिनकी दिल में होती है
तुमसे प्यार किया बदनाम हो गए, हमारे चर्चे
सरेआम हो गए दिल भी उस वक्त तोड़ा ज़ालिम
ने जब हम उसके गुलाम हो गए
खाली शीशे भी निशान रखते हैं,
टूटे हुए दिल भी अरमान रखते हैं,
जो ख़ामोशी से गुज़र जाये,
वह दरिया भी दिल में तूफ़ान रखते हैं।
वो मुझसे दूर रहकर खुश है और मै
उसे खुश देखने के लिए दूर हूँ
प्यार करते हैं तुमसे कितना दिखा ना सके;
तुम क्या हो ये कभी बता ना सके हम ;
तुम साथ नहीं हो फिर भी
तुम्हारी याद को कभी हम भुला ना सके।
नक़ाब क्या छुपाएगा शबाब-ए-हुस्न को,
निगाह-ए-इश्क तो पत्थर भी चीर देती है।
बुरे लोग है जनाब हम, बुरे वक्त में काम आएंगे
बोलते रहे वो, सुनते रहे हम, जवाब मेरी आँखों
में था, वो जुबाँ में ढूंढते रहे
आज फिर तन्हाईयो ने तुझे पुकारा है,
ये तो मेरा दिल बेचारा है,
तू इस दिल से दूर हो गया है,
आज फिर इस दिल को यक़ीन नही आया है।
हम तो जोड़ना जानते हैं... तोड़ना तो सीखा ही नहीं...
खुद टूट जाते हैं अक्सर....
किसी को छोड़ना सीखा ही नहीं...
फिर से एक उम्मीद पाल बैठी हूँ,
फिर से तेरे पते पर चिट्टी डाल बैठी हूँ..!!
बिखरा वजूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ,
कितने हसीन तोहफे दे जाती है ये मोहब्बत।
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।
वो जो हमसे नफरत करते हैं,
हम तो आज भी सिर्फ़ उन पर मरते हैं,
फ़रत है तो क्या हुआ यारों,
कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं..!!
जिंदगी भर साथ देने की उम्मीद थी तुमसे लेकिन
ये नही पता था, यू बीच राह में ही उम्मीद तोड़ चली जाओगी
इश्क के चर्चे भले ही सारी दुनिया में होते होंगे,
पर दिल तो अक्सर खामोशी से ही टूटते है॥”
खुवाईश थी कि कोई टूट कर चाहे मुझे भी लेकिन
अफ़सोस हम खुद ही टूट कर भिखर गए, किसी
को चाहते - चाहते
अजीब फितरत थी उसकी मोहब्बत की, अपना भी
ना बनाया,किसी और का भी ना होने दिया
जो दिल के करीब थे ,वो जबसे दुश्मन हो गए
जमाने में हुए चर्चे ,हम मशहूर हो गए
मेरे ख्वाबो का अब कोई आशियाना नहीं है,
अपने दर्दो को मुझे अब मिटाना नही है,
मेरी मजबूरियो का फसाना भी क्या अजीब है,
मुझे रोना है पर किसी को बताना नही है..!!
क्या मिला तुजे मेरा ना होकर,
तु रह भी नहीं पायेगा पूरा किसी और का होकर॥”
चाहत इतनी थी की उनको बताई न गई,
चोट दिल पर लगी इसलिए दिखाई न गई,
💔किसी शक्स की आदत हो जाना
इश्क होने से ज्यादा खतरनाक है 💔
हमारी आँखों ने भी एक दिन थक कर कह ही दिया
ख़्वाब वो देखा करो जो पूरा कर सको क्योकि
रोज हमसे भी रोया नही जाता
भूख घूम रही है शहर की हर सड़क पर,
लाल टीशर्ट ज़ोमेटो की पहन कर..!!
तुम मूड में नहीं थे तो क्यू बनाया मुझे रब,
मिट्टी दुबारा गुथो और फिर से बनाओ मुझे..!!
हर एक के नसीब में कहाँ लिखी है चाहतें,
कुछ लोग आते है दुनिया में तन्हाइयों के लिए॥”
गिरना था जो आपको तो सौ मक़ाम थे,
ये क्या किया कि निगाहों से गिरगए।
तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।
सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमें और हममें,
सारी महफिल भुल गये बस वह याद रहा।।
वक्त के बदल जाने से इतनी तकलीफ नही होती है,
जितनी किसी अपने के बदल जाने से तकलीफ होती है।
सुना है आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
उधर ही ले चलो कश्ती जहां तूफान आया है।
💔जो कभी डरा ही नहीं
मुझे खोने से
फिर वो क्या अफसोस करेगा
मेरे ना होने से 💔
कोई अपना हमसे जब भी रूठ जाता है,
ऐसा लगता साथ रब छूट जाता है.
गुजरे है आज इश्क में हम उस मुकाम से,
नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से॥”
जिसने हमको चाहा उसे हम चाह न सके,
और जिसको हमने चाहा उसको हम पा न सके।
💔हर दर्द को मेरे निलाम - सा किया
मेरे इश्क के बदले
उस शक्स ने मुझे बदनाम - सा किया💔
जान ले लेता है उसका ये अंदाज़ ऐ गुफ्तगू,
दबा के होंठो में ऊँगली जब वो बात करती है।
छुपा के दिल में गमों का जहाँन बेठे है,
तेरी महेफील में हम बेजुबान बैठे है॥”
फिर उसकी याद, फिर उसकी आस, फिर उसकी बातें,
ऐ दिल लगता है तुझे तड़पने का बहुत शौक है।
“बादाम खाने से उतनी अक्ल नहीं आती,
जितनी धोखा खाने से आती है।”
तड़प उठता हूँ दर्द के मारे,
ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है,
अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ,
मुझको तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है..!!
तुम्हे देखे बिना सकूँन नही आता, मुझे पता है तुम
मेरे ना रहे लेकिन मेरे दिल को अब यकीन नही होता
मत कर हंगामा पीकर हमारी गली में,
हम तो खुद बदनाम है तेरी मोहब्बत के नशे में! ?
💔ना इश्क करते ना धोखा मिलता
ना वफ़ा करते ना बेवफाई मिलती
ना तू मिलती, ना ही ज़िंदगी से
इतनी कड़वाहट मिलती 💔
देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ,
हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए।
पिलाने वाले कुछ तो पिला दिया होता,
शराब कम थी तो पानी मिला दिया होता! ?
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।
चाहने वाले तो मिलते ही रहेंगे तुझे सारी उम्र बस तू,
कभी जिसे भूल न पाए वो चाहत यक़ीनन हमारी होगी।
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
मालूम हो खुदा उसकी दुआ है
तो ऐ लम्हा यूं ही ठहर जाए.
बस यूं ही देखता रहूं भंवरे की तरह
दिन तो गुजर ही गया
ऐ रात यूं ही गूजर जाए
उजड़ी हुई दुनिया को तू आबाद न कर,
बीते हुए लम्हों को अब तू याद न कर,
एक क़ैद परिंदे ने ये कह दिया हम से,
मैं भूल चुका हूँ उड़ना मुझे आजाद न कर।
ज़िन्दगी से अपना हर दर्द छुपा लेना,
ख़ुशी न मिले तो गम गले लगा लेना,
कोई अगर कहे मोहब्बत आसान होती है,
तो उसे मेरा टूटा हुआ दिल दिखा देना।
दिल तोड़ मेरा वो किसी और की बाहों में सो गया
कितनी आसानी से बेवफाई को मजबूरी नाम दे गया
तुमसे पहले ही कहा था मेने मुझे अपना ना बना
अब तोड़ के दिल मेरा यू तमाशा ना बना
मोहब्बत भी ईतनी शीद्दत से करो की,
वो धोखा देकर भी सोचे की वापस जाऊ तो किस मुंह से॥”
सिर्फ एक ही बात सीखी इन हुस्न वालों से हमने ,
हसीन जिसकी जितनी अदा है वो उतना ही बेवफा है..!!
टूटा हुआ है दिल मेरा
जोड़ने की हिमाकत ना करना
खुद को जोड़ लूंगा मैं ये समझाकर
ऐ दिल दुबारा किसी से मोहब्बत ना करना
सब कहने की बातें हैं।
मोहब्बत में कौन किसी का होता है,
हम रोते हैं रातों में यहाँ जिसकी याद में
वो वहाँ किसी और की बाहों में सोता है.
औकात नहीं थी ज़माने में,
जो मेरी कीमत लगा सके,
कम्बख़्त इश्क में क्या गिरे,
मुफ्त में नीलाम हो गये..!!
ऐ जालिम दिल संभाल ले खुद को..
अब यहां कोई अपना नही तेरा
खुलते भी भला कैसे आँसू मेरे औरों पर,
हँस-हँस के जो मैं अपने हालात बरतता हूँ,
मिलते रहे दुनिया से जो ज़ख्म मेरे दिल को
उनको भी समझकर मैं सौगात बरतता हूँ।
एक साँस भी पुरी नहीं होती
तेरे ख्यालों के बिना,.!
तुमने ये कैसे सोचा कि
हम जिदंगी गुजार देगे तेरे बिना...!!
रेत पर नाम कभी लिखते नहीं
रेत पर नाम कभी-टिकते नहीं
लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं
लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं!
बाज़ी-ए-मुहब्बत में हमारी बदकिमारी तो देखो,
चारों इक्के थे हाथ में, और इक बेग़म से हार गये..!!
दिल में छुपे हो, दूर जाओगे कैसे,
मैं कबर में छुप जाऊं, तो ढूंढ पाओगे कैसे..!!
दिल अब पहले सा मासूम नहीं रहा,
पत्थर तो नहीं बना मगर अब मोम भी नहीं रहा॥”
चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं,
हम उसकी याद में परेशां बहुत हैं,
वह हर बार दिल तोड़ता है ये कह कर कि,
मेरी उम्मीदों की दुनिया में अभी मुकाम बहुत हैं।
बैठे-बिठाए हाल-ए-दिल-ज़ार खुल गया
मैं आज उसके सामने बैठकर बेकार खुल गया।
काश एक बार आवाज तो दी होती तुमने,
हम तो वहाँ से भी लौट आते जहाँ से कोई नहीं आता”
नहीं वादा कोई करना नहीं कसमें ही खानी है,
मुझे चुपचाप रहकर यूं सभी रस्में निभानी है।
बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है,
यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है..!!
सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमें और हममें,
सारी महफिल भुल गये बस वह याद रहा।।
ये संग-दिलों की दुनिया है,
यहाँ सँभल के चलना दोस्त,
यहाँ पलकों पे बिठाया जाता है,
नज़रों से गिराने के लिए।
कभी अधूरा सा कुछ कहूँ तो
तुम पूरा समझ जाना
हम तो उलझे हैं तुझमें तू हममें
न कहीं उलझ जाना
वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो।
वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो।
कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको।
क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो।
मालूम जो होता हमें अंजाम-ए-मोहब्बत,
लेते न कभी भूल के हम नाम-ए-मोहब्बत।
दिन में कब भला रात की रानी ने फ़िज़ा महकाई है,
इसीलिए शायद शहर सोया और तेरी खुश्बू आई है..
दिल आने की बात है यारों
अपने बस की बात कहाँ
प्यार अगर हो पत्थर से फिर
हीरे की औकात
होंठों की हँसी को न समझ हकीक़त-ए-जिंदगी,
दिल में उतर के देख कितने टूटे हुए हैं हम।
मेरे ख्यालो में सिर्फ तुम हो तुम्हे कैसे भुला दूँ,
इस दिल की धड़कन हो सिर्फ तुम,
तुम्हे कैसे निकाल दूँ।
रूठी जो ज़िंदगी तो मना लेंगे हम,
मिले जो ग़म वो सह लेंगे हम,बस आप
रहना हमेशा साथ हमारे,तो निकलते हुए
आंसूओं में भी,मुस्कुरा लेंगे हम।
बीच सफर में तुम हमसे अलविदा कह गये,
पहले अपना बनाया फिर पराया कर गये,
जब जिंदगी की जरूरत सी बन गये,
तभी वो हमसे किनारा कर गये।
सच कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
और शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
हम कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते है,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है।
एक कहानी सी दिल पर लिखी रह गयी,
वो नजर जो उसे देखती रह गयी,
वो बाजार में आकर बिक भी गए,
मेरी कीमत लगी की लगी रह गयी।
आखिरी बार सलाम-ए-दिल-ए-मुज़्तर ले लो,
फिर न लौटेंगे शब-ए-हिज्र के रोने वाले।
छोड़ने से पहले कहते तो आप,
दर्दे दिल एक बार हमे सुनाते तो आप,
ऐसी क्या मजबूरी थी आपकी,
जो हमे जिंदगी के सफर में छोड़ गये आप।
जो पल बीत गये वो वापस आ नही सकते,
सूखे फूलो को वापस खिला नही सकते,
कभी ऐसा लगता है वो हमे भूल गये होंगे,
पर ये दिल कहता है वो हमे कभी भुला नही सकते।
हाल-ए-दिल अपना क्या सुनाएं आपको,
ग़म से बातें करना आदत है हमारी,
लोग मरते हैं सिर्फ एक बार सनम,
रोज पल-पल मरना किस्मत है हमारी।
भूल पाना मुझे इतना आसान तो नहीं है,
बातों-बातों में ही बातों से निकल आऊंगा।
सच कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
और शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
हम कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते है,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है।
हम दुआएं करेंगे उनपर एतवार रखना,
न कोई हमसे कभी सवाल रखना,
अगर दिल में चाहत हो हमे खुश देखने की,
बस हमेशा मुस्कुराना और अपना ख्याल रखना।
तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे,
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे,
अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो,
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।
जाने लागे जब वो छोड़ के दामन मेरा,
टूटे हुए दिल ने एक हिमाक़त कर दी,
सोचा था कि छुपा लेंगे ग़म अपना,
मगर कमबख्त आँखों ने बगावत कर दी।
जब मै तेरी खातिर रओ जाऊ,
जब मै तुमसे जुड़ा हो जाऊ,
आके रो जाना मेरी खातिर,
जब मैं गहरी नींद में सो जाऊ.
कभी किसी को इतना सताया न करो,
अपने लिए कभी किसी को तड़पाया न करो,
जिनकी साँसे ही वो आपके लव्ज़ हो,
उन लफ़्ज़ों के लिए कभी किसी को तरसाया न करो।
तुझको पा कर भी न कम हो सकी बेताबी दिल की,
इतना आसान तेरे इश्क़ का ग़म था ही नहीं।
फिर से कर दे कोई सजा मुकर्रर,
या इन्तेहां कर दे इस कशमकश की।
कभी प्यार नहीं था ये मुझको बतलाजना,
मरने से पहले अपनी सूरत दिखला जाना,
तुमपे कोई ऊँगली न उठाये,
इसलिए मुझे चुपके से दफ़ना जाना.
हम अगर खो गये तो कभी न पा सकोगे,
हम वहाँ चले जायेंगे जहाँ कभी नही आ सकोगे,
जिस दिन मेरी मोहब्बत का एहसास हो गया तुम्हे,
पछताओगे बहुत क्योंकि,
हम वहाँ चले जायेंगे जहाँ से फिर न बुला सकोगे।
बिन बात के ही रूठने की आदत है
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है
आप खुश रहें, मेरा क्या है मैं तो आइना हूँ,
मुझे तो टूटने की आदत है।
इश्क़ में मेरा इस कदर टूटना तो लाजमी था,
काँच का दिल था और मोहब्बत पत्थर से की थी।
सरे खाव्ब इन आँखों से टूट गये,
जो थे हमारे वो हमसे रूठ गये,
मेरे दिल की नगरी में एक तू अपनी थी,
जिसे कोई आके लूट गये.
उसे हमने बहुत चाहा था पर पा न सके,
उसके सिवा ख्यालो में किसी और को ला न सके,
आँखों के आँसू तो सूख गये उन्हें देख कर,
लेकिन किसी और को देख कर मुस्कुरा न सके।
कुछ ग़मों का होना भी जरूरी है
ज़िंदगी में, ज़िंदा होने का अहसास
बना रहता हैं।
मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही।
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही।
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है।
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही।
इस दिल में आग सी लग गई जब वो खफा हुए,
फर्क तो तब पड़ा जब वो जुदा हुए,
हमे वो वफ़ा करके तो कुछ दे न सके,
लेकिन दे गये वो बहुत कुछ जब वो वेबफा हुए।
तुम्हें पा लेते तो किस्सा ग़म का खत्म हो जाता,
तुम्हें खोया है तो यकीनन कहानी लम्बी चलेगी।
कहकहों की आँच को तन्हाइयाँ सहती रहीं,
और आँखें आंसुओं से मशविरा करती रहीं,
एक रियाजे-फन यही उनको सलामत रख सका,
कतरा-ए-खूं से ही जख्मे-दिल को भरती रहीं।
जब भी मेरे कब्र के पास से गुजरा,
तो कुछ देर ज़रा तुम रुक जाना,
दिल पे हाथ रखकर अपने दिल को समझाना,
रोने न देना इन आँखों को मेरी खातिर,
ये दिल पूछे तो, मुझे बेवफा बतलाना.
जब कोई ख्याल इस दिल से टकराता है,
तो दिल न चाहते हुए भी खामोश हो जाता है,
कोई सब कुछ कह कर भी कुछ नही कह पाता है,
और कोई बिना कुछ कह भी सब कुछ कह जाता है।
कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,
ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,
यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है,
मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे।
काश उसे चाहने का अरमान ना होता,
मैं होश में रहते हुए अनजान ना होता,
ना प्यार होता किसी पत्थर दिल से हमको,
या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता।
आपने सारे गमों को भुला जाना,
अपनी जागी इन आँखों को,
थोड़ा सुला जाना, दर्द जयदा हो तो,
मेरी कब्र को सुना कर, मुझे रुला जाना.
अब तो हम दर्द से खेलना सीख गये है,
अब तो हम वेबफाई के साथ जीना सीख गये है,
क्या बताये यारो की कितना दिल टूटा है हमारा,
अब तो हम मौत से पहले कफ़न ओढ़ कर सोना सीख गये है।
इस शहर में हम जैसा सौदागर कहाँ मिलेगा यारो,
हम गम भी खरीद लेते हैं किसी की खुशी के लिए।
जख्म तो हम भी अपने दिल में
तुमसे गहरे रखते हैं,
मगर हम जख्मों पे
मुस्कुराहटों के पहरे रखते हैं।
क्या करे, शिकवा ऐ सनम,
तुमसे, जब तुम थे,
तब भी बहुत गम थे..
वो करते है मोहब्बत की बात,
लेकिन मोहब्बत के दर्द का उन्हें एहसास नही,
मोहब्बत तो वो चाँद है जो दिखता तो है सबको,
लेकिन उसको पाना सबके बस की बात नही।
छोड़ने से पहले कहते तो आप,
दर्दे दिल एक बार हमे सुनाते तो आप,
ऐसी क्या मजबूरी थी आपकी,
जो हमे जिंदगी के सफर में छोड़ गये आप।
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
होंठों की हँसी को न समझ हकीक़त-ए-जिंदगी,
दिल में उतर के देख कितन
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो,
जो हँस रहा है वो ग़मों से चूर निकलेगा।
कांच का तोहफा न देना कभी किसी,
रूठ के लोग तोड़ दिया करते हैं,
जो बहुत अच्छे हों उनसे प्यार मत करना,
अच्छे लोग ही दिल तोड़ दिया करते हैं।
वह किसी और का प्यार दिल में दबा रहे थे,
वह झूठा दिलासा दिला रहे थे,
वह अपनी बे-फ़िज़ूल बातो में फसा रहे थे,
वह अपने बेवफा होने की वजह छिपा रहे थे.
वक्त के बदल जाने से इतनी तकलीफ नहीं
होती है,
जितनी किसी अपने के बदल जाने से
तकलीफ होती है।
लोग पढ़ लेते हैं आँखों से दिल की बात,
अब मुझसे तेरे ग़म की हिफाजत नहीं होती।
ख्वाहिशें थीं चाँद तारे तोड़ लाने की मगर,
देख लो बिखरा पड़ा है वो जमीं पर टूट कर।
दिल भले ही तोडा उसने पर
वफ़ा ता उम्र निभाई,
मोहब्बत भले ही झूठी थी
पर वफ़ा में सचाई देखे,
छोड़ कर भले ही चला गया वो,
पर वफ़ा खूब निभाई.
हर बात में आँसू बहाया नही करते,
हर बात दिल की हर किसी से कहा नही करते,
ये नमक का शहर है,
इसलिए ज़ख्म यहाँ हर किसी को दिखाया नही करते।
याद करते है तुम्हे तन्हाई में दिल डूबा है
गमो की गहराई में हमे मत ढूंढना दुनिया
की भीड़ में हम मिलेंगे तुम्हे तुम्हारी ही
परछाई में.
इरादों में अभी भी क्यों इतनी जान बाकी है,
तेरे किये वादों का इम्तिहान अभी बाकी है,
अधूरी क्यों रह गयी तुम्हारी यह बेरुखी,
अभी दिल के हर टुकड़े में तेरा नाम बाकी है।
तेरी याद में आहें भरता है दिल,
बेतलब मोहब्बत तुझसे करता है दिल,
फिर क्यों तू दगा दे गयी,
अब प्यार के नाम से डरता है दिल.


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