किस्मत पे नाज़ है तो वजह तेरी रहमत
खुशियों जो पास है तो वजह तेरी रहमत
मेरे अपने मेरे साथ है तो वजह मेरी रहमत
मैं तुझसे मोहब्ब्त का तलब कैसे ना करूँ
चलती जो सांस है तो वजह तेरी रहमत
कुछ लोगों को लगता है उनकी चालाकियां
मुझे समझ नही आती
मैं बड़ी खामोश से देखता हूँ उनको अपनी
नज़रो से गिरते हुए
धीरे धीरे सब दूर होते गए
वक्त के आगे मजबूर होते गए
रिश्तों में हमने ऐसी चोट खाई की
बस हम बेवफा और वो बेकसूर होते गए
हमे ना मोहब्ब्त मिली ना प्यार
हमको जो भी मिला बेवफा यार
अपनी तो बन गयी तमाशा ज़िंदगी
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला
कभी पलको पे आंसू तो कभी
लब पे शिकायत हैं
मगर ये जिंदगी फिर भी मुझे
तुझे मोहब्ब्त है
कश्ती है पुराना मगर दरिया बदल गया
मेरी तलाश का भी वो जरिया बदल गया
ना शक्त बदली ना अक्ल बदली बस लोंगो
के देखने का नज़रिया बदल गया
ऐसा कोई नही जो सभी को पसंद आये
इसलिए ज़िंदगी ऐसा जियो की रब को पसंद आये
किसी के पैर में गिरकर कामयाबी
होने से अच्छा है
अपने पैर पर चल कर कुछ करने का ठान लो
मिली थी ज़िंदगी किसी के काम आने के लिए
पर वक्त बीत रहा है कागज के टुकड़े
कमाने के लिए क्या करोगे इतना पैसा
कमा कर ना कफ़न में जेब है ना कब्र में अलमारी
और ये मौत के फरिश्ते तो रिश्वत भी नही लेते
समुन्द्र ना सही पर एक नदी तो होनी चाहिए
तेरे शहर में ज़िंदगी कहीं तो होनी चाहिए
बस यही सोच कर हर मुस्किलो से
लड़ता आया हूँ
धूप चाहे कितनी भी तेज हो समुन्द्र
नही सोखा करते
औरतो को फसाया नही बसाया जाता है
अच्छे मर्दो की बस यही पहचान है
हर वक्त तेरे आने की आस आती है
हर पल तुझसे मिलने का प्यास रहती है
सब कुछ यहाँ बस तू नही इसलिए
शायद ये जिंदगी उदास रहती है
रास्ते जुदा होने से अहसास मिटा नही करते
हम तब भी महकेंगे जब मौसम पतझर के होंगे
वो भी दुःखी है मैं भी दुःखी हूँ
वो भी चाहत में है मैं भी चाहत मैं हूँ
लेकिन क्या करे जनाब कोई झुकना
नही चाहता आकड़ टूट जाएगी न
हमे सूरत से क्या लेना हम तो
सीरत पे मरते है
उनसे कहना कि जब हुस्न ढल जाए
तो लौट आना
संघर्ष के मार्ग पे जो वीर चलता है
वो ही इस संसार को बदलता है
जिसने अंधकार मुसीबत और खुद से जंग जीती
सूर्य बनकर वही निकलता है
ये ना पुछो की ये जिंदगी खुशी कब देती है
क्योंकि ये शिकायत उसे भी है जिसे
ये जिंदगी सब देती है सीखा ना सखी जो
उम्र भर तमाम किताबे मुझे
अपनी कमजोरियों का जिक्र कभी ना करना
जमाने मे कटी पतंग को जम कर लुटा करते हैं
इतना भी आसान नही होता अपनी
ज़िंदगी को पाना
बहुत लोगों को खटकने लगती है जब
हम खुद को जीने लगते हैं
सोच रहा हूँ कुछ ऐसे लिखूं की
वो रात को रोये ना और सोये भी ना
रिश्ते में कभी धोखे मत दीजिये
पसंद ना आये तो उसे पूर्णविराम दे दीजिए
मुस्किलो से भाग जाना आसान होता है
हर पहलू जिंदगी का इम्तिहां होता हैं
डरने वालो को मिलता नही ज़िंदगी मे
लड़ने वालों के कदमो में जहां होता है
उठो तो ऐसे उठो की फक्र हो बुलन्दी को
झुको तो ऐसे झुको की बंदगी भी नाज़ करे
ना पुछो की मेरी मंजिल कहा है
अभी तो सफर का इरादा किया है
ना हारूँगा हौसला उम्र भर है ये
मैंने किसी से नही खुद से वादा किया है
सफर की हद है वहा तक की कुछ
निशान ना रहे
चले चलो की जहाँ तक ये आसमान रहे
ये क्या उठाये कदम और आ गयी मंजिल
मजा तो तब है कि पैरो में कुछ थकान रहे
रख लो नजदीकियां ज़िंदगी का भरोशा
नही फिर कहोगे चुप चाप चले गए
और बताया भी नही
सूखे पतो के तरह है हम जिस दिन भी
जलेंगे पूरा जंगल जला देंगे
हम यह सोच कर अपनी दर्द को बयां नही करते
यह दुनिया है लोग दया नही करते
कभी रो लेने तो मुझे अपने कंधे पर सर रख कर
अब दर्द का बवंडर अब शम्भाला नही जाता
अब तक छुपा कर रखे आंखों में इसे की
आँसुयो का समुद्र अब संभला नही जाता
जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला है
जो चल रहा है उसे पावँ में छला है
बिना घिसे चल नही सकता
जो जलेगा उसी दिए से तो उजाला है
हैसले की तस्कस में कोशिश का वो
तीर ज़िंदा रख
हार जा चाहे ज़िंदगी मे सबकुछ मगर फिर
से जितने का उम्मीद रख
कमाल का ताना दिया आज मुझे भगवान ने
मांगने ही आते हो कभी मिलने भी आया करो
खवाइश हमसे रूठी रहे अक्सर क्युकी
तवाज़ों हमारी
जरूरतों को पूरा करने में रही उम्र भर
हर बात दिल से लगाओगे तो रोते रह जाओगे
इसलिए जो जैसा है उसके साथ वैसा
ही बन कर रहो
काश यह जालिम जुदाई न होती ये
खुदा तूने यह चीज बनाई ना होती
न हम उनसे मिलते न प्यार होता
जिंदगी जो अपनी थी वो पराई न थी
लोग कहते है मैं मुस्कुराता बहुत हुँ
और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते
मुझे ना परवाह दुश्मनो की हर शख्स
मेरा यार है
दिल मे नफरत क्यों पालूं जब जहाँ मे
इतना क्यों है
उस इंसान से कभी झूठ मत बोलिये
जिसे आपके झूठ पे भी विस्वास हो
घुटन सी होने लगी है इश्क जताते है
मैं खुद से रूठ गया तुझको मनाते मनाते
आंधिया हमेशा चलती नही मुश्किलें
हमेशा रहती नही
मिलेगी की मंजिल तुझे तेरी तू जरा
कोशिश तो कर
जितने वाला ही नही बल्कि कहां पर
क्या हराना है ये जानने वाला भी
सिकन्दर होता हैं
आपका खुश रहना ही आपके दुश्मनो के
लिए सबसे बड़ी सजा है
जीवन मे गिरना भी अच्छा है
औकात का पता चलता है
बढ़ते है हाथ उठाने को जब
तो अपनो को पता चलता है
खुश होकर काम किया तो खुशी
और सफलता दोनों मिलेगी
अपने जीवन मे उस काम को करना चाहिए
जो हमे पसंद हो
और हम उस काम को करने की
इच्छा रखते हो
फिर हमें जीवन भर काम करने की
जरूरत नही पड़ती
काबिलियत इतना बढ़ाव की तुम्हे
हराने के लिए कोशिश नही
साजिश करनी पड़े
जो पानी से नहलायेगया वो सिर्फ
लिवाज़ बदलेगा
लेकिन जो पसीने से नाहलायेगा वो
इंतिहास बदलेगा
जो गुज़र गया उसे याद मत करो
मुकदर में जो लिखा है
उसकी फरियाद मत करो मुकदर में जो
लिखा है वो होकर रहेगा
तुम कल के चक्कर मे आज को बर्बाद मत करो
चलता रहूँगा पथ पर चलने में माहिर
बन जाऊंगा
या तो मंजिल मिल जाएगी या अच्छा
मुसाफिर बन जाऊंगा
हौसले बुलन्द कर रास्ते पे चल दे
तुझे तेरा मुकाम मिल जाएं
बढ़ कर अकेला तू पहल कर
देखकर मुझको काफिला खुद बन जायेगा
आपको Life Emotional Motivational शायरी अच्छा लगे तो जरूर शेयर करे


1 Comments
💯🌹
ReplyDelete