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मकर संक्राति भारत वर्ष भर वैदिक काल से ही मनाया जाता है।इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रेवश कर के उत्तरायण हो जाता है।मकर संक्रांति का यह पर्व ऋतु और कृषि से परिवर्तन से संबंधित है ।इस दिन लोग खिचड़ी खा कर और पतंग उड़ा कर इस पर्व का आनंद लेते है इस दिन लोग दिल और गुड़ रेवड़ी और गजक के रूप में प्रसाद बनाते हैं । 



तन में मस्ती मन मे उमंग

देकर सबको अपनापन गुड़ में 

जैसे मीठापन होकर साथ हम

उड़ाएंगे पतंग और भर ले आकाश में अपने रंग

हैप्पी मकरसंक्रांति 


पल पल सुनहरे फूल खिले

कभी ना हो काटो का सामना

जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे

यही है सक्रांति पर हमारी शुभकामनाएं

हैप्पी मकर संक्रांति


मंदिर की गंटी पूजा की थाली

नदी की किनारे सूरज की लाली

जिंदगी में आये खुशियों का हरियाली

आपको मुबारक हो संक्रांति का त्यौहार


मीठी बोली मीठी जुबान

मकर संक्रांति का यही है पैगाम

हैप्पी मकर संक्रांति


सूरज की राशि अब बदले का वक्त है

मानिए की कुछ के लिए बदलाव का वक्त है 

साल का पहला महीना और संक्रांत का वक्त है

दिल मे उमंगो और आशाओ के संसार का वक्त है

हैप्पी मकर संक्रांति


काट नही सके कभी कोई आपकी पतंग

टूटे ना कभी डोर विशवास की

छू लो आप जिंदगी की सारी कामयाबी

जैसे पतंग छूती है उचाई आसमान की

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं


एक ही समानता है पतंग और जिंदगी मे

ऊँचाई में हों 

तब तक कि वाह वाह होता है

मकर संक्रांति के पावन पर्ब की

हार्दिक शुभकामनाएं


खुशियों की आयी है बहार

पतंग उड़ाने की चढ़ि है खुमार

तिल और गुड़ के लड्डु की है मिठास

आप सबको मकर संक्रांति की 

हार्दिक शुभकामनाएं


पूर्णिमा की चाँद रंगों की डोली

चाँद से चांदनी 

खुशियो से भरी है आपकी झोली

मुबारक हो आपको रंग बिरेंगो

पतंगों वाली मकर सक्रांति


उड़ी जो पतंग तो खिल गया दिल

 गुड़ के मिठास में देखो मिल गया तिल

चलो आज उमंग उल्लास में खो जाए हमलोग

सजाये थाली और लगाए अपने भगवान का भोग

हैप्पी मकर संक्रांति


बासमती चावल हो और उर्द की दाल

घी की महकती खुशबू हो और आम का आचार

दहीबड़े की सुगंध के साथ हो अपनो का प्यार

मुबारक हो आपको खिचड़ी का त्यौहार


बाजरे की रोटी निम्बू का आचार 

सूरज की किरणे चाँद की चांदनी और

अपनो का प्यार हर जीवन हो खुशहाल

मुबारक हो मकर संक्रांति का त्यौहार


दिल को धड़कन से पहले

दोस्त को दोस्ती से पहले

प्यार को मोहब्ब्त से पहले

खुशी को गम से पहले

आपको कुछ दिन पहले 

हैप्पी मकर संक्रांति


हो पूरी दियो की हर खवाइश आपके

और मिले खुशियो का जहांन आपको

अगर आप मांगे आसमान का एक टूटा तारा

तो खुदा देते सारा आसमान आपको


त्यौहार नही होता अपना पराया

त्यौहार है जिसे सबने मनाया

तो मिला के गुड़ में तिल 

पतंग संग उड़ जाने दो


ये साल की मकर संक्रांति

आपके लिए तिल गुड़ जैसी मीठी और

पतंग जैसी उड़ान लाये


तिल हम है गुल आप है

मिठाई हम है मिठास आप 

साल के पहले त्यौहार से हो रही आज शुरुआत

आपको हमारी तरफ से मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं


बचपन मे धूम मचाना मौज मनाना

यारों के साथ पतंग उड़ाना

बहुत सही था यार वो जमाना

मकर संक्रांति कि हार्दिक शुभकामनाएं


नज़र सदा हो ऊँची सिखाती है पतंग

इस संक्रांति में हमे काम क्रोध लोभ मोह 

एवम अहंकार जैसी पतंगों को भी कटाना चाहिए


हर पतंग जानती है अंत मे कचरे में जाना है

लेकिन उसके पहले हमें आसमान

 छू कर दिखाना हैं

बस जिंदगी भी यही चाहती है


पतंगों का नशा मांझे की धार

सर्दी की मार फिर भी दिल है बेकरार

मुबारक हो आपको  पतंगों का त्यौहार 

हैप्पी मकर संक्रांति

 

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