हर धड़कन में एक राज होती है
बात को बताने का भी अंदाज़ होता है
जब तक ना लगे ठोकर बेवफाई की
हर किसी को अपने प्यार पर नाज़ होता है
उनको मालूम है कि उनके बिना
हम टूट जाते है
फिर क्यों वो आजमाते है
हमसे बिछड़ बिछड़ कर
ये उनकी मोहब्बत का नया दौर है
जहा था कल तक में
आज वहां कोई और है
अंदर से तो कब के मर चूके है हम
ये मौत तू भी आजा लोग सबूत मांगते है
हमने चलना छोड़ दिया उन राहों में
टूटे वादे के टुकड़े चुभते है अब पाव में
तेरे वादे ने हमे घर से निकलने न दिया
लोग मौसम के मज़ा ले गए बरसातों में
अब न सूरज न सितारे न शाम न चांद
अपने जख्मो का उजाला है घनी रातो में
मेरे खावबो में आना आपका कसूर था
आपसे दिल लगाना हमारा कसूर था
आप आये थे ज़िंदगी मे पल दो पल के लिए
आपको जिंदगी समझ लेना हमारा कसूर था
कभी कुछ रिश्ते इस तरह घायल कर देते है कि
अपने ही घर लौट पाना मुश्किल हो जाता है
आज फिदारत हमारी सहने की नहीं होती
तो हिम्मत तुम्हारी कुछ कहने की नही होती
मेरे दर्द तो सिर्फ में जानती हूँ
तुमने तो सिर्फ मेरी मुस्कान देखे हो
कितनी भी सिद्दत से निभा लो दिल का रिश्ता
बदलने वाले बदल ही जाते है
किन लफ़्ज़ों को बयान करू मैं अपने दर्द को
सुनने वाले तो बहुत है समझने वाले कोई नहीं
उन परिंदो को कैद रखना मेरी फिदरत नही
दिल के पिंजरे में रह कर जो दुसरो के
साथ उड़ने जा शौख रखते हो
जब कोई ख्वाब अधूरा रह जाता है
तब दिल के दर्द आंसू बह कर बाहर आते है
उसकी मोहब्ब्त पर हक तो नही लेकिन
दिल करता है कि उम्र भर उसका इंतेज़ार करू
कोई एहसान कर दे मुझपे बस इतना सा बता कर
भुलाया कैसे जाता हैं दिल तोड़ने वाले को
मेरा हक नही तुम पर ये जानता हूं मैं
फिर भी ना जाने क्यों दुआओं में
तुझको मंगाना अच्छा लगता है
अंदर कोई झाँके तो टुकड़ो में मिलूंगा
ये हस्ता हुआ चेहरा जमाने के लिए है
वो बात ही कुछ अजीब थी वो हमसे
रूठ गयी जो दिल के सबसे करीब थी
उसने तोर दिया दिल हमारा और लोग कहते है
वो लडक़ी बहुत सरीफ थी
दर्द कितना है बता नहीं सकते जख्म कितने है
दिखा नही सकते है आंखों से समझ सको तो
समझ लो आंसू गिरे है कितने गिना नही सकते
इश्क सिर्फ मुझे हुआ था
उसे तो कुछ पल का नशा हुआ था
बीते पल वापस ला नही सकते
सूखे फूल वापस खिला नही सकते
कभी कभी लगता है आप हमें भुल गए
पर दिल कहता हैं कि आप हमें भूला नही सकते
मोबाइल में नेटवर्क ओर रिश्तो में
भरोशा ना हो तो अक्सर लोग गेम
खेलने लग जाते है
कुछ खूबसूरत पल याद आते है
पलको पर आंसू छोड़ जाते है
कल कोई और मिले हमे ना भूलना
क्योंकि कुछ रिश्ते जिंदगी भर याद आते है
रखा करो नजदीकिया जिंदगी का
कोई भरोशा नही
फिर कहोगे चुपचाप चले गए
और बताया भी नही
मेरी हंसी में भी कई गम छिपे है
डरता हु बताने से
कही सबका प्यार से भरोशा न उठ जाए
कोई आदत कोई बात या
सिर्फ मेरी खामोशी
कभी तो कुछ तो
याद उसे भी आता होगा
कितना मुश्किल होता है
किसी के लिए जीना
और फिर उसी के बिना जीना
मैं उसके नखरे उठा रहा था
पर वो मेरा फायदा उठा रही थी
किसी टूटे हुए दिल की आवाज़ मुझसे कहिये
तार जिसके सब टूटे हो वो साज़ मुझसे कहिये
मैं कौन हूं और किसके लिए जिंदा हूँ
मैं खुद नही समझा वो राज मुझसे कहिये
सफर ज़िन्दगी का जरा छोटा था
उनके साथ
पर वो शक्स याद सा हो गया अब
एक पूरी ज़िन्दगी के लिये
छोड़ दिया है हमने लोगों के
पीछे चलना
जिससे जितनी मोहब्ब्त की
उसने उतना गिरा हुआ समझा हमें
टूट कर चाहा था
तोड़ कर रख दिया
दुनिया से अपना हर दर्द छुपा लेना
खुशी न मिले तो गम में गले लगा लेना
कोई अगर कहे मोहब्ब्त आसान होती है
तो उसे मेरा टूटा हुआ दिल दिखा देना
ये गलत है कहना कि मोहब्ब्त ने हमारा दिल तोड़ा
हम खुद ही टूट गए किसी से मोहब्बत करते करते
उन्होंने तो अपने लबो से लगाया और छोड़ दिया
वे बोले इतना ही जहर काफी है तेरी मौत के लिए
एक दिन जब हुआ इश्क का एहसास उन्हें
वो हमारे पास आकर सारा दिन रोते रहे
और हम भी इतने खुदगर्ज निकले यारों
की आंखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे
जब प्यार ही नही तो भुला क्यों नही देते
खत किसलिए रखे हो जला क्यों नही देते
किस वास्ते लिखा है हथेली पर नाम
मैं हर्फ़ ग़लत हूँ तो मिटा क्यों नही देते
तुमसे प्यार करने की हमने ये सजा पाई है
दिल मे बेइंतिहा दर्द और लंबी जुदाई हैं
मेरी मजबूरियों को मेरी कमजोरी न समझना
मैं घायल हूँ वक्त के इरादो से
मैं हैरान हूं अनचाहे तोहफे से
समझने वाला तो खामोशिया भी समझ लेते है
और तुम्हे तो मैंने खुद लफ़्ज़ों में समझाया था
फिर भी
कितना नादान है ये दिल कैसे समझाऊँ
तू जिसे खोना नही चाहता हो
तेरा होना नही चाहता
आज फिर मौसम नम हुआ मेरी आँखों के तरह
शायद बदलो का भी किसी ने दिल तोड़ा
लगे है इल्जाम दिल पे जो मुझको रुलाते है
किसी की बेरुखी और किसी और को सताते हो
दिल तोड़ कर मेरा वो बड़ी आसानी से कह गए
अलविदा लेकिन हालत मुझे अलविदा कहती है
कौन कहता है कि दिल सिर्फ लफ़्ज़ों
से तोड़ा जाता है
तेरी खामोशी भी आंखे नम कर देती है
दिल तोड़ने वाले का कुछ नही जाता
टूटने वाला का सब कुछ चला जाता है
अगर तुम्हें पा लेते तो किस्सा
इसी जन्म में खत्म हो जाता
तुम्हे खोया है तो यकीन है
कहानी लंबी चलेगी
वो रोये तो मगर मुझसे मुँह मोड़ कर रोये
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़ कर रोये
मेरे सामने कर दिए तस्वीर के टुकड़े
मेरे बाद वो जोर जोर से रोये
जख्म लगा कर मेरे दिल पे बड़ी
सदागी के साथ
टूटे हुए मेरे दिल का क्या पूछते हो
ठुकरा दिया तुमने जो मोहब्ब्त को इस तरह
पलट पलट कर क्या देखते हो
दुनिया मै उल्फत का यही दस्तुर होता है
दिल से जिसे चाहो वही हमसे दूर होता है
दिल टूट कर बिखरता है इस कदर जैसे
काँच का खिलौना टूट कर बिखरता है
नाराज क्यों होते हो चले जायेंगे बहुत दूर
जरा टूटे हुए दिल के टुकड़े तो उठा लेने दो
टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी
मेरी हर सांस ने उसके लिए खुशी मांगी
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से
आखिरी खवाइश में उसकी ही वफ़ा मांगी
कुछ मोहब्ब्त का नशा था पहले हमको
दिल जो टूटा तो नशे से मोह्हबत हो गयी
दर्द बहुत हुआ दिल के टूट जाने से
कुछ न मिला उसके लिए आँसू बहाने से
वो जानता था वजह मेरे दर्द की
फिर भी बाज न आया मुझे आजमाने से
टूटे हुए प्यालो में जाम नही आता
इश्क में मरीजो को आराम नही आता
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये तो सोच लिया होता
ये टूटा हुआ दिल किसी के काम नही आता
ना हम रहे दिल लगाने के काबिल
ना दिल रहा गम उठाने के काबिल
लगा उसकी यादों से जो जख्म दिल पे
ना छोड़ा उसने मुस्कुराने के काबिल
जब जान प्यारी थी तब दुश्मन हज़ार थे
अब मरने का शौक है तो कातिल नही मिलते
नाराज क्यों होते हो चले जायेंगे तुम्हारी
ज़िंदगी से बहुत दूर
जरा टूटे हुए दिल के टुकड़े उठा लेने दो
यह जिंदगी हर रोज नया सबक सिखाती गयी
पत्थर को तराश को हीरा बनाती गयी
उन्हें चाहना हमारी कमजोरी है
उनसे कह नही पाना हमारी मजबूरी है
वो क्यों नही समझते हमारी खामोशी को
क्या प्यार को इजहार करना जरूरी है
सह लिया हमने हर दर्द हंसते हंसते
उजाड़ गया मेरा घर यारों बस्ते बस्ते
अब वफ़ा करे तो किस से करे
वफ़ा करने गए तो बेवफा ही मिले रास्ते रास्ते
छोड़ तो उसकी वफ़ा की आस
वो रुला सकता है तो
भुला भी सकता है
प्यार में नफरत कैसे की जाती है ये
भी तुम्हे हर लम्हा बताएंगे
तेरी आंखों में खून उत्तर आये
तुझे ऐसा इश्क बन कर दिखाए
किसी का दिल का दर्द किसने देखा है
देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है
दर्द तो तन्हाई में होता है
लेकिन तन्हाइयो में लोगों ने हमे हँसते देखा है
ना मुस्कुराने को जी चाहता है
ना आंसू बहाने को जी चाहता है
लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है
जो नजर से गुजर जाया करते हैं
वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं
कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते
बस चुपचाप बिखर जाए करते हैं
रोते रोते दिन कटता है तारप कर रात
भूल नहीं पाता प्यार भरी तेरी बात
आज इतना जहर पिला तो की
सांस तक रुक जाए मेरी
सुना है कि सांस रुक जाए तो
रूठे हुए भी देखने आते है
देख तेरा दिया गुलाब कैसा रंग लाया है
जो सज नही सका तेरी डोली में
आज मेरी जानजो पे काम आया
ये शायरी की महफ़िल बानी है आशिको के लिये
बेवफाओ की क्या औकात जो शब्दो को तोल सके
सोचा था तरपायेंगे उन्हें हम
किसी और का नाम लेकर जलायेनंगे उन्हें
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके
दर्द मुझे हि होगा
तो फिर भला किस तरह सताये हम उन्हें
माना कि खुद चल कर आये है ये मोहब्ब्त
मगर दर्द दर्द और सिर्फ दर्द ये कहाँ की
मेहमान नवाजी है
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