24Sarswati puja Status facebook & whatsaalHindi Shayari (बसंत पंचमी हिंदी शायरी)



 तू स्वर की दाता है तू ही वानो कि ज्ञाता है

तुझमे ही नवाते शिष्य हे शारदा मैया

 दे अपना आशीष

जय माँ भगवती माँ सरस्वती


बल बुद्धि विधा देहु मोहि 

सुनहु सरस्वती मातु

राम सागर अधम को


कमल पुष्प पर आशित माँ

देती ज्ञान का सागर माँ

कहती कीचड़ में भी कमल बनो

अपने कर्मो से महान बनो


सरस्वती पूजा का प्यारा त्यौहार

जीवन मे लाएगा खुशी आपार

सरस्वती विराजे आपके घर

शुभ कामना करें हमारा स्वीकार


बहारों में बहार वसंत मीठा मौसम मीठी उमंग

रंग बिरंगे उड़ती आकाश में पतंग

तुम साथ हो तो है इस ज़िन्दगी का रंग


फूलो की वर्षा सर्द की फुहार सूरज की किरणें

खुशियो की बहार चन्दन की खुशबू अपनो

का प्यार मुबारक हो आप सबको बसंत

पंचमी का त्यौहार 

हैप्पी बसंत पंचमी


आपके शब्द से हर दर्द को हिफ़ाज़त मिले

आपकी लेखनी को आज और ताकत मिले


वीना लेकर हाथ मे सरस्वती हो आपके साथ मे

मिले माँ का आशीर्वाद आपको हर दिन हर वार

हो मुबारक आपको बसंत पंचमी का त्यौहार

बसंत पंचमी का हार्दिक शुभकामनाएं


जीवन के यह बसंत के खुशिया दे अनन्त

प्रेम और उल्लास का भर दे जीवन मे रंग


वीणा लेकर हाथ मे सरस्वती हो आपके साथ मे

मिले माँ का आशीर्वाद हर दिन मुबारक हो

आपको सरस्वती पूजा का ये दिन सरस्वती

 पूजा और बसंत पंचमी का शुभकामनाएं


इस बसंत पंचमी माँ सरस्वती आपको 

हर वो विधा दे जो आपके पास नही है

और जो है उसपे चमक दे जिस से 

आपकी दुनिया चमक उठे

बसंत पंचमी का हार्दिक शुभकामनाएं


साहस शील ह्रदय में भर दे जीवन

 त्याग तपोमर कर दे

सयम सत्य स्नेह का वर दे 

माँ सरस्वती आपके जीवन 

मे उल्लास भर दे


माँ सरस्वती का वरदान हो आपको

हरदिन नई खुशी मिले आपको

दुआ हमारी है खुदा से मेरे दोस्त 

ज़िन्दगी में सफलता हमेशा मिले आपको

सरस्वती पूजा की बधाई हो


जमाने भर की याद में मझे भुला देना

जब कभी याद आये तो जरा मुस्कुरा लेना

जिंदा रहे तो फिर मिलेंगे वरना बसंत में

एक पतंग मेरे नाम का भी उड़ा लेना


इस से पहले शाम हो जाये मेरा

SmS औरों की तरह आम हो जाये

और सारे नेटवर्क जाम हो जाये

आपको बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं


पिले पिले सरसो के फूल पीली उड़े पतंग

रंग बरशे पिला और छाए सरसो की उमंग 

आपके जीवन मे सदा रगे बसंत पंचमी का रंग


महफ़िल सजती है चराग रौशन होते है

हम तेरे बिना ज़िंदगी मे अधूरे अधूरे से होते है

कैसे कहे माँ हरपल तेरे ही खयालो में खोये रहते है

जीवन की कश्ती एक तेरे ही भरोसे हम सागर 

में तैरते है


कैसे कहूँ की जी नही सकता माँ तेरी

कृपा बिना मेरा जीवन

जीवन नही  माँ तेरे श्रद्धा बिना


माता तेरे चरणों मे भेंट चढ़ता है कभी नारियल

तो कभी फूल चढ़ाते है और झोलिया भर के 

तेरे दर से लाते है 


किस्से कहानी बन जाएंगे हम भी 

कभी रहमत है तेरी माँ पास होती है

तू तो जीने में जनून आता है


बिन बुलाए जहाँ जाने को जी चाहता है

वो चौखट ही है तेरी माँ जहाँ यह बंदा

सुकून पता है


लेकर मौसम का बाहर आया 

बसंद ऋतु का त्यौहार

आओ हमसब मिलके मनाये दिल में

 भर के उमंग और प्यार 


किताबो पर हाथ हो पेन का साथ हो

कॉपियां आपके आस पास हो

पढ़ाई दिन रात हो जिंदगी के हर 

इन्तिहा में आप हमेशा पास हो


कमल पुष्प पर आशित माँ देती ज्ञान का

सागर माँ कहती है कीचड़ में भी कमल बनो

अपने कर्मो से महान बनो


माँ जब भी तुझको पुकारा है बिन 

मांगे सबकुछ पाया है ये

माँ मेरी गुनाहों को  में काबुल करता हूँ

मोक्ष दे दे मेरी माँ बस यही आशा करता हुँ


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